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নারী শক্তি

अमीरों से ज्यादा गरीबों के घर पैदा होती हैं बेटियां - शिवराज

भाजपा महिला मोर्चा के सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लिंग अनुपात का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अमीरों से ज्यादा गरीबों के घर और शहरों से ज्यादा गाँव व आदिवासी इलाकों में बेटियाँ पैदा होती हैं।

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गाँव में मुस्कुराती बेटियाँ
ছবি: Photo: Yann Forget / Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि अमीरों के बजाए गरीबों के यहां ज्यादा बेटियां जन्म लेती हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसा ही अंतर शहरों और ग्रामीण अंचल में भी देखने को मिलता है।

दरअसल, भाजपा महिला मोर्चा ने शिवराज सिंह चौहान के मुख्यमंत्री के रूप में 11 साल पूरा करने पर सम्मान समारोह का आयोजन किया गया था। राजधानी में आयोजित इस सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए शिवराज ने लिंग अनुपात का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अमीरों से ज्यादा गरीबों के घर बेटियां पैदा होती हैं।

शिवराज ने कहा कि लिंग अनुपात का ऐसा ही अंतर गांव और शहरों में देखने को मिलता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर और पढ़े-लिखे लोगों के बजाए गांव और आदिवासी इलाकों में बेटियां ज्यादा पैदा होती हैं।

वहीं, शिवराज ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि बहन और बेटियों की मदद के लिए वह हमेशा तैयार हैं। उन्होंने लाड़ली लक्ष्मी योजना का जिक्र भी किया और कहा कि दूसरे राज्यों ने भी इस योजना को अपनाया है।

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