महिलाओं को बीमारियों का ज्यादा खतरा, क्या करें उपाय?
हार्मोनल बदलाव और शारीरिक बनावट के कारण महिलाओं को कई बीमारियों का खतरा ज्यादा होता है। नियमित जांच, संतुलित आहार, व्यायाम और तनाव से मुक्ति ही इसका उपाय है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि महिलाओं को मौसमी बीमारियों का ही नहीं, असाध्य रोगों का भी ज्यादा खतरा बना रहता है। इसका क्या कारण है, इसके उपाय क्या हैं, यह सब जानने के लिए कुछ खास बातों का ध्यान रखना आवश्यक है।
शारीरिक बनावट और हार्मोनल बदलाव भी जिम्मेदार
एक्सपर्ट मानते हैं कि महिलाओं को उनकी शारीरिक बनावट, उनमें होने वाले हार्मोनल बदलावों (जैसे मासिक धर्म, गर्भावस्था और मेनोपॉज आदि) के कारण कुछ बीमारियों (जैसे हृदय रोग, ऑटोइम्यून बीमारियां और थायराइड) का खतरा पुरुषों के मुकाबले अपेक्षाकृत अधिक होता है। महिला चिकित्सक एवं विशेषज्ञ डॉ. आशा खरे के अनुसार ऐसे रोगों से बचाव के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित खान-पान और सक्रिय जीवन शैली सबसे जरूरी है। महिलाएं अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने और बीमारियों से बचने के लिए कुछ खास टिप्स फॉलो कर सकती हैं।
इनमें प्रमुख रूप से नियमित स्वास्थ्य जांच
30-35 वर्ष की आयु के बाद हर साल फुल-बॉडी चेकअप कराना बेहतर रहता है। इसमें ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, लिपिड प्रोफाइल और मेमोग्राम (स्तन कैंसर जांच) शामिल हैं। इसके अलावा सर्वाइकल कैंसर के लिए पैप स्मीयर टेस्ट भी जरूरी है। महिलाओं में होने वाले हार्मोनल बदलावों के कारण उनकी हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। इससे ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ सकता है। इससे बचने के लिए अपने आहार में दूध, दही, हरी पत्तेदार सब्जियां शामिल करें और धूप से पर्याप्त विटामिन डी लेना सही रहता है।
जीवनशैली में बदलाव और व्यायाम
महिलाओं को दिनभर की भागदौड़ के बीच स्वास्थ्य के लिए कुछ अलग करना अच्छा रहता है। हर दिन कम से कम 30 मिनट वॉक, रनिंग, एरोबिक्स या योग जरूर करना चाहिए। योग और प्राणायाम हार्मोनल और मानसिक संतुलन बनाए रखने में बहुत मददगार साबित होता है।
मानसिक तनाव से मुक्ति
कई शोध बताते हैं कि हार्मोनल उतार-चढ़ाव के कारण महिलाएं डिप्रेशन और एंग्जायटी का शिकार पुरुषों की अपेक्षा जल्दी होती हैं। पर्याप्त नींद नहीं लेने पर भी ऐसा हो सकता है। इसके लिए जरूरी है कि पर्याप्त नींद लें और अपने लिए रोजाना कुछ समय अवश्य निकालें।
आमतौर पर देखा गया है कि महिलाओं में यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (यूटीआई) का खतरा ज्यादा होता है। इसके लिए जरूरी है कि साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और अधिक से अधिक पानी पिएं। इसके अलावा बेहतर स्वास्थ्य के लिए मौसमी और ताजे फल और पौष्टिक आहार को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएंगी तो काफी लाभ मिलेगा।



