धोनी के साथ मतभेद थे लेकिन प्रतिद्वंद्विता नहीं: गंभीर
क्रिकेटर गौतम गंभीर ने फेसबुक लाइव चैट में कहा कि महेंद्र सिंह धोनी से उनके मतभेद रहे, पर दोनों के बीच प्रतिद्वंद्विता कभी नहीं रही।

क्रिकेटर गौतम गंभीर ने स्पष्ट किया है कि टीम इंडिया की वनडे टीम के कप्तान एमएस धोनी के साथ उनके मतभेद रहे हैं, लेकिन दोनों के बीच प्रतिद्वंद्विता कभी नहीं रही। दिल्ली रणजी टीम के कप्तान ने सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर प्रशंसकों के साथ लाइव वीडियो चैट में यह खुलासा किया। गौरतलब है कि गंभीर और धोनी के बीच मतभेद की खबरें जब-तब मीडिया में सुर्खियों में रही हैं।
गंभीर ने माना कि कई मुद्दों पर उनकी और धोनी की अलग-अलग राय रही है। गंभीर और धोनी, दोनों उस भारतीय टीम का हिस्सा थे जिसने सीमित ओवर के क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया। गंभीर ने कहा, मेरे और धोनी के बीच कभी प्रतिद्वंद्विता नहीं रही। जब हम टीम इंडिया के लिए खेले तो विचारों में भिन्नता के बावजूद जीत ही हमारा एकमात्र उद्देश्य रहा। वैसे भी जिंदगी में अलग-अलग राय होना कोई बड़ी बात नहीं है। मेरा मानना है कि धोनी एक बेहतरीन खिलाड़ी और बेहतरीन इंसान हैं।
34 वर्षीय गंभीर ने यह भी कहा कि अपने पेशेवर जीवन के कुछ सर्वश्रेष्ठ पल उन्होंने धोनी के साथ ही बिताए हैं। उन्होंने कहा कि पेशेवर जीवन के अपने सर्वश्रेष्ठ पलों का हम दोनों ने मिलकर लुत्फ लिया, फिर यह 2007 में टी20 वर्ल्डकप या 2011 का वर्ल्डकप जीतना हो या फिर टेस्ट में दुनिया की नंबर एक टीम होना। हमारा उद्देश्य और लक्ष्य हमेशा एक ही रहा।
धोनी की कप्तानी में इन दोनों ही वर्ल्डकप में गंभीर ने बेहतरीन प्रदर्शन किया था और टीम इंडिया इनमें चैंपियन बनी थी। पाकिस्तान के खिलाफ टी20 वर्ल्डकप के फाइनल में गंभीर 75 रन की पारी के साथ टॉप स्कोरर रहे थे। 2011 के 50 ओवर के वर्ल्डकप में भी बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 97 रन की पारी खेली थी। उस समय टीम इंडिया ने फाइनल में श्रीलंका का स्कोर सफलतापूर्वक चेज किया था। गौरतलब है कि केएल राहुल और शिखर धवन के चोटग्रस्त होने के बाद गंभीर ने हाल ही में टेस्ट में टीम इंडिया में वापसी की थी, लेकिन राहुल के फिट होने के बाद वे अपना स्थान कायम नहीं रख सके।



