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सरकार ने किया गेहूं आयात को शुल्क से मुक्त

गेहूं की बढ़ती कीमतों को देखते हुए सरकार ने गेहूं आयात पर लगने वाला 10 फीसदी शुल्क तत्काल प्रभाव से शून्य कर दिया है।

अनुवाद लवकरच येत आहे. हा लेख अद्याप मराठी मध्ये उपलब्ध नाही, म्हणून तुम्ही तो हिन्दी मध्ये वाचत आहात.

खेत में गेहूं की बालियां
छायाचित्र: Photo: Anurag Gautam / Unsplash

देश में गेहूं की उपलब्धता बेहतर करने के लिए सरकार ने गेहूं आयात को शुल्क मुक्त कर दिया है। पहले गेहूं आयात पर 10 फीसदी शुल्क था। ऐसा गेहूं की बढ़ती कीमतों को देखते हुए किया गया। दूसरी ओर मौसम विभाग ने भी इस बार कम सर्दी रहने का अनुमान जताया है, जिससे 2016-17 की गेहूं की फसल प्रभावित हो सकती है।

गेहूं पर से आयात शुल्क हटाए जाने की अधिसूचना वित्तमंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में पेश की। उन्होंने कहा कि 8 दिसंबर, 2016 की अधिसूचना के मुताबिक, गेहूं पर से आयात शुल्क तत्काल प्रभाव से 10 फीसदी से घटाकर शून्य कर दिया गया है। इसकी कोई अंतिम तिथि नहीं है। इसके लिए 17 मार्च, 2012 की अधिसूचना को संशोधित किया गया है। इससे गेहूं की घरेलू उपलब्धता बेहतर होगी और गेहूं से बने उत्पादों, जैसे गेहूं के आटे की बढ़ती कीमतें नियंत्रित होंगी।

वहीं सरकार के इस कदम का कांग्रेस और जदयू ने विरोध किया और इस फैसले को किसान विरोधी और एक साजिश बताया। निजी कारोबारी अब तक 17.2 लाख टन गेहूं का आयात कर चुके हैं और इस साल कुल आयात के 20 लाख टन का आंकड़ा पार कर जाने की उम्मीद है।

सर्व पहा