मुख्य मजकुराकडे जा
सरकारी योजना

खटीमा के किसानों को दी गई इलेक्ट्रानिक नेशनल एग्रीकल्चर मार्केटिंग की जानकारी

कृषि उत्पादन मंडी समिति के अधिकारियों ने खटीमा के किसानों को ई-नाम योजना के बारे में विस्तार से बताया, जिसके तहत किसान का माल देश के किसी भी प्रदेश का व्यापारी ऑनलाइन बोली लगाकर खरीद सकता है।

अनुवाद लवकरच येत आहे. हा लेख अद्याप मराठी मध्ये उपलब्ध नाही, म्हणून तुम्ही तो हिन्दी मध्ये वाचत आहात.

मंडी में ई-नाम की जानकारी लेते किसान
छायाचित्र: Photo: Desiree M / Unsplash

कृषि उत्पादन मंडी समिति के अधिकारियों ने खटीमा के किसानों को इलेक्ट्रानिक नेशनल एग्रीकल्चर मार्केटिंग (ई-नाम) योजना के बारे में विस्तार से बताया। मंडी सचिव ने ई-नाम योजना के तहत किसानों की फसल की ग्रेडिंग के लिए बनी लैब के उपकरणों के बारे में भी बताया। भारतीय किसान यूनियन के ब्लाक अध्यक्ष गुरुसेवक सिंह ने ई-नाम योजना को किसानों के लिए लाभदायक बताया।

मंडी परिसर में हुई बैठक में मंडी समिति सचिव डीएस बिष्ट ने बताया कि ई-नाम के तहत खटीमा के किसान का माल भारत के किसी भी प्रदेश का व्यापारी ऑन लाइन बोली लगाकर खरीद सकता है। लैब टेस्टिंग के बाद मानक के अनुरूप फसल की ग्रेडिंग तीन भाग में की जाएगी। फसल के ग्रेड के अनुसार ही बोली लगाई जाएगी।

ईनाम में 90 तरह की फसलों की नीलामी होगी, जिसमें धान, गेहूं के अलावा मसाले, दालें, फल, सब्जी भी शामिल हैं। अब तक ईनाम में तहसील क्षेत्र के 2700 किसान पंजीकृत हैं और 234 व्यापारी भी पंजीकृत किये गए हैं।

यहां मंडी इंस्पेक्टर राजेंद्र चंद, भुवन पांडे, झनकट सहकारी समिति अध्यक्ष हरप्रीत सिंह, अवतार सिंह, सुरेंद्र सिंह, निर्मल सिंह, हरदीप सिंह आदि थे।

सर्व पहा